हरिद्वार। भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने हरिद्वार में गंगा किनारे घने जंगल, झ्ािलमिल झील के निकट पहाड़नदीमैदान के अद्भुत भूगोल में अब तक का सबसे आक्रामक और आधुनिक सैन्य युद्धाभ्यास किया।  इस अवसर पर कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल एम के कटियार ने शुक्रवार को कहा कि इस अभ्यास को देखकर भी देश का दुश्मन कोई गलत हरकत करता है तो उसे ऑपरेशन सिंदूर से भी अधिक करारा जवाब दिया जाएगा। करीब एक माह तक चले युद्धाभ्यास रैम प्रहार के शनिवार को संपन्न होने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने संवाददाताओं को बताया कि पहली बार हरिद्वार में इस युद्धाभ्यास को किया गया है।  उन्होंने कहा कि इस अभ्यास को देखकर हमारा दुश्मन किसी भी तरह की गलत हरकत नहीं करेगा और अगर इसके बाद भी वह कोई हिमाकत करता है तो उसे ऑपरेशन सिंदूर से भी करारा जवाब दिया जाएगा।
 लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने कहा, ैभारतीय सेना को अत्याधुनिक बनाना हमारी प्राथमिकता है। हमारा दुश्मन अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग कर रहा है, इसलिए हमें भी प्रौद्योगिकी, आग्नेयास्त्रों को दागने की क्षमता और मैदानी क्षमता, तीनों में पारंगत होना होगा और इसी उद्देश्य से रैम प्रहार का आयोजन किया गया है।  सेना के अधिकारी ने कहा कि यह अभ्यास सैनिकों को जंगल, नदी, पहाड़, रेत और रात की अंधेरी घाटियों जैसी उन सभी परिस्थितियों में युद्ध कौशल सिखाता है जहां दुश्मन छिपा हो सकता है।