जम्मू। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शनिवार को राष्ट्र निर्माण में युवाओं की अधिक भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने के लिए उनकी भागीदारी आवश्यक है। होसबाले ने सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया तथा कहा कि समावेशी समाज संगठन के भविष्य के दृष्टिकोण का केंद्र बिंदु है। वह संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जम्मू में आयोजित प्रबुद्ध नागरिकों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ताशी रबस्तान, प्रांत संघचालक गौतम मेंगी और विभाग संघचालक सुरिंदर मोहन भी शामिल हुए। आयोजकों ने संक्षेप में जन गोष्ठी के उद्देश्य की व्याख्या की तथा इस बात पर प्रकाश डाला कि आरएसएस का शताब्दी वर्ष उसके सामाजिक और राष्ट्रीय योगदान को याद करने तथा भविष्य पर चर्चा करने का अवसर है।सभा को संबोधित करते हुए, होसबाले ने बताया कि कैसे पिछले 100 वर्षों में संघ ने दैनिक शाखाओं, सेवा कार्यों, शैक्षिक पहलों और सामाजिक सुधार प्रयासों के माध्यम से जमीनी स्तर पर निरंतर काम किया है।