अदीस अबाबा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इथियोपियाई संसद को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और इथियोपिया क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और कनेक्टिविटी के मामले में प्राकृतिक साझीदार हैं। मंगलवार को अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर इथियोपिया पहुंचे मोदी ने इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। यह विश्व की 18वीं संसद है जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा, इथियोपिया अफ्रीका के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थित है। भारत हिंद महासागर के केंद्र में स्थित है। हम क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और कनेक्टिविटी में प्राकृतिक साझीदार हैं।  उन्होंने कहा, इस वर्ष की शुरुआत में रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर के साथ हमारी पारस्परिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है। यह व्यवस्था निकट सैन्य सहयोग पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि भारत और इथियोपिया के बीच जलवायु और विचारों के मामले में भी समानता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पूर्वजों ने केवल वस्तुओं का ही नहीं बल्कि विचारों और जीवन-शैली का भी आदान-प्रदान किया। मोदी ने कहा कि दोनों देश समझते हैं कि लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका और एक निरंतर यात्रा है। उन्होंने कहा, यह कभी बहस से, कभी मतभेद से आकार लेता है लेकिन हमेशा कानून के शासन से निर्देशित रहता है।  प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश का पहिया जनता के साथ सामंजस्य में घूमता है, तो प्रगति का पहिया आशा व उद्देश्य के साथ आगे बढ़ता है। ग्लोबल साउथ के बारे में मोदी ने कहा कि यह क्षेत्र अपना भविष्य स्वयं लिख रहा है और भारत तथा इथियोपिया इसके लिए एक साझा दृष्टि रखते हैं।उन्होंने कहा, हमारी कल्पना ऐसे विश्व की है, जहां ग्लोबल साउथ किसी के खिलाफ नहीं बल्कि सभी के लिए आगे बढ़े।  मोदी ने कहा कि हम एक अधिक न्यायपूर्ण, समान और शांतिपूर्ण विश्व के लिए एकजुट होकर काम कर रहे हैं और यदि वैश्विक प्रणालियां अतीत में उलझी रहेंगी तो दुनिया आगे नहीं बढ़ सकती।