नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में ग्रामीण रोजगार गारंटी विधेयक पर चर्चा के दौरान अपमानजनक व्यवहार करने को लेकर विपक्ष की आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने अपने आचरण से लोकतंत्र को भीड़तंत्र तथा गुंडातंत्र में बदल दिया है।विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित होने के कुछ घंटों बाद, भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चौहान ने पूछा कि विपक्ष कानून के नाम - विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) - वीबी जी राम जी विधेयक पर आपत्ति क्यों कर रहा है। उन्होंने कहा, विधेयक के नाम को लेकर इतना हंगामा क्यों है? विपक्ष को केवल नाम की चिंता है लेकिन हमारा ध्यान काम पर अधिक है। चौहान ने कहा, मैं संसद में कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सांसदों के अपमानजनक व्यवहार की कड़ी निंदा करता हूं। विपक्ष ने अपने व्यवहार से लोकतंत्र को अपमानित किया, संसदीय परंपराओं को तार-तार कर दिया और लोकतंत्र को गुंडातंत्र में बदल दिया।  विपक्षी सदस्यों ने कानून के मूल नाम - महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 को हटाए जाने को लेकर संसद में विरोध प्रदर्शन किया।