नोएडा/मुंबई । केवड़िया स्थित विशालकाय स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और संसद परिसर में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिष्ठित प्रतिमा सहित कई ऐतिहासिक प्रतिमाओं के निर्माता प्रख्यात मूर्तिकार राम सुतार का बुधवार देर रात नोएडा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। सुतार के पुत्र अनिल सुतार ने बताया कि उनकी आयु 100 वर्ष थी और वह उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। मूर्तिकार राम सुतार के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित देश की कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया और कहा कि उनकी रचनाएं भारत के इतिहास और संस्कृति की प्रभावशाली अभिव्यक्ति है। स्टैच्यू मैन के नाम से प्रसिद्ध सुतार अपने अंतिम समय तक सक्रिय रहे और उन्होंने मुंबई के इंदु मिल में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक और गुवाहाटी में गोपीनाथ बारदोली की मूर्ति, जिसका जल्द ही अनावरण होना है, जैसी बड़ी परियोजनाओं में काम किया। महाराष्ट्र के धुले जिले के गोंदुर गांव में 19 फरवरी, 1925 को एक साधारण परिवार में जन्मे सुतार ने मुंबई के जे जे स्कूल ऑफ आर्ट एंड आर्किटेक्चर में स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्हें 1999 में पद्म श्री और 2016 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। हाल ही में, सुतार को महाराष्ट्र के सर्वाेच्च पुरस्कार महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा,श्री राम सुतार जी के निधन से मैं बहुत दुखी हूं। वे एक असाधारण मूर्तिकार थे जिनकी कलात्मकता ने भारत को केवड़िया स्थित ैस्टैच्यू ऑफ यूनिटीै सहित कुछ सबसे प्रतिष्ठित स्मारक दिए।
