चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में शुक्रवार को राष्ट्र गीत वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित चर्चा के दौरान सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के कुछ सदस्यों के बीच तीखी बहस के बाद कुछ देर तक शोर-शराबा हुआ। सदन में आसन के समीप जाकर हंगामा करने और कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद अपनी सीट पर वापस न जाने पर विधानसभाध्यक्ष ने नौ कांग्रेस विधायकों को कुछ देर के लिए निलंबित कर दिया।
 
 
चर्चा के दौरान कांग्रेस सदस्यों ने मंत्री अनिल विज की कुछ टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और बाद में अपनी सीट पर वापस बैठ गए, लेकिन वे तब फिर से उठ खड़े हो गए और आसन के समीप पहुंच गए जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुछ टिप्पणियां कीं। चर्चा में भाग लेते हुए, सैनी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर तीखा हमला किया तथा उन पर और कांग्रेस पर मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेककर राष्ट्र गीत को खंडित करने का आरोप लगाया। सैनी ने कहा कि नेहरू को तब कड़ा जवाब देना चाहिए था।बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा लिखित इस गीत को 1950 में भारत के राष्ट्र गीत के रूप में अपनाया गया था।सैनी की टिप्पणी पर विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य कांग्रेस विधायकों ने तुरंत तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
 
 
हुडा ने कहा, राष्ट्र गीत पर चर्चा चल रही है। राष्ट्र गीत का अपमान नहीं होना चाहिए।  कुछ ही देर में, अन्य कांग्रेस विधायक भी उठ खड़े हो गए और नारे लगाते हुए आसन के समीप पहुंच गए। अध्यक्ष ने उन्हें अपनी सीट पर वापस जाने की बार-बार चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने उनकी बात नहीं सुनी। तब अध्यक्ष ने जस्सी पेटवार, विकास सहारन, बलराम डांगी, गीता भुक्कल, शकुंतला खटक, अशोक अरोरा और नरेश सेलवाल समेत नौ विपक्षी विधायकों के नाम घोषित किए। डांगी, पेटवार, खटक और सेलवाल सदन से बाहर जाने का विरोध कर रहे थे, इसलिए मार्शलों को उन्हें घसीटकर बाहर निकालना पड़ा। शोर-शराबे के बीच मुख्यमंत्री का भाषण जारी रहा, लेकिन उनकी कही हुई अधिकांश बातें शोरगुल में दब गईं। मुख्यमंत्री ने तुष्टीकरण की राजनीति को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए।