बोरदुवा (असम)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस असम के लोगों, उनकी संस्कृति, भूमि और पहचान के लिए खतरा पैदा करने वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों को अपना वोट बैंक मान रही है। शाह ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र न केवल असम, बल्कि पूरे भारत में पड़ोसी देश से आए सभी अवैध प्रवासियों की पहचान करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि 1983 में अवैध प्रवासी (न्यायाधिकरण द्वारा निर्धारण) (आईएमडीटी) अधिनियम के लागू होने से घुसपैठियों को कानूनी संरक्षण प्राप्त हुआ। बाद में उच्चतम न्यायालय ने इस कानून को निरस्त कर दिया था। गृहमंत्री ने कहा, मैं बतद्रवा की पवित्र भूमि से असम की जनता को आश्वस्त करता हूं कि भाजपा सरकार सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजेगी।  उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों के प्रभाव में राज्य के लोगों की सांस्कृतिक पहचान धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न केवल असमिया लोगों की सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित की है, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया है।  शाह ने कहा, कांग्रेस सरकार इतने लंबे समय तक सत्ता में रही, लेकिन उसने घुसपैठ के खिलाफ असम आंदोलन के शहीदों की याद में कुछ नहीं किया। केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों के प्रयासों के कारण ही इस महीने राष्ट्र को इतना भव्य स्मारक समर्पित किया गया है।