गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में अस्मिता और विकास ही मुख्य मुद्दे होंगे।  मुख्यमंत्री ने नव वर्ष के अवसर पर नतून दिनेर आलाप (नए दिन की बातचीत) कार्यक्रम में मीडियाकर्मियों से कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि अवैध प्रवासियों की पहचान की जाए और उन्हें राज्य से निष्कासित किया जाए। उन्होंने कहा, अगर स्थानीय स्वदेशी आबादी के हितों की रक्षा नहीं की गई, तो राज्य में विकास का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्य के अपने हालिया दौरे के दौरान यह बात स्पष्ट कर दी थी कि अवैध प्रवासियों की पहचान हो जाने के बाद उन्हें देश से निष्कासित कर दिया जाएगा।उन्होंने कहा, अब नरमी बरतने की कोई गुंजाइश नहीं है। उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया है कि एक बार जब किसी व्यक्ति की पहचान विदेशी के रूप में हो जाती है, तो उपायुक्त उस व्यक्ति को देश छोड़ने का आदेश दे सकते हैं। शर्मा ने विश्वास जताया कि राज्य में हो रहे विकास कार्य जारी रहेंगे और उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि हर व्यक्ति को इनका लाभ मिले।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले, जब न्यायाधिकरणों द्वारा किसी व्यक्ति को विदेशी के रूप में पहचाना जाता था, तो राज्य सरकार केंद्र को पत्र लिखती थी और फिर विदेश मंत्रालय इसे बांग्लादेश के अधिकारियों को भेजता था, जिनकी प्रतिक्रिया आने में लंबा समय लगता था तथा कभी-कभी तो प्रतिक्रिया आती ही नहीं थी। शर्मा ने कहा, यह विकल्प अब उपलब्ध नहीं है और हम अवैध विदेशियों को वापस धकेलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  पिछले पांच वर्षों के दौरान घोषित विदेशी नागरिकों (डीएफएन), दोषी विदेशी नागरिकों (सीएफएन) और नए अवैध प्रवासियों सहित कुल।,517 लोगों को वापस उनके देश भेजा गया तथा उनमें से।,043 नए प्रवासियों को पिछले साल मई से वापस भेजा गया है।