कोलकाता /गंगासागर। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि वह राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान किए गए अमानवीय आचरण के खिलाफ अदालत का रुख करेंगी। दक्षिण 24 परगना के सागर द्वीप में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने लोकतांत्रिक सुरक्षा उपायों को कमजोर करते हुए, मतदाता सूचियों से मनमाने ढंग से नाम हटाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अनौपचारिक प्लेटफॉर्म सहित अपारदर्शी डिजिटल प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, ैयह अस्तित्व की लड़ाई है। हम कानूनी सहायता ले रहे हैं। एसआईआर के कारण बहुत से लोगों की मौत हो चुकी है। हम कल एसआईआर के कारण हुए अमानवीय व्यवहार और इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के खिलाफ अदालत में याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा, ैयदि आवश्यक हुआ तो मैं उच्चतम न्यायालय जाऊंगी और एक आम नागरिक के रूप में जनता के लिए पैरवी करूंगी। मैं जनता की ओर से बोलूंगी। भाजपा ने तीखा पलटवार करते हुए बनर्जी पर एसआईआर प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने के लिए प्रौद्योगिकी का हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
