गुरुग्राम (हरियाणा)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को एक राष्ट्रीय डिजिटल आईईडी डेटा प्रबंधन मंच की शुरुआत की, जो आतंकवाद के खिलाफ अगली पीढ़ी के सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगा और यह देश में सभी प्रकार के बम विस्फोटों के खिलाफ एक व्यापक प्रतिरोधक होगा। राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली (एनआईडीएमएस) को संघीय आतंकवाद-रोधी कमांडो बल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) द्वारा गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-दिल्ली, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) की मदद से विकसित किया गया है। यह सभी प्रकार के बम विस्फोटों का सटीक अध्ययन करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग उपकरणों से लैस है। देश में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोटों को आंतरिक सुरक्षा क्षेत्र में सबसे चुनौतीपूर्ण खतरों में से एक के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इन वर्षों में आईईडी विस्फोट में हजारों नागरिक और सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। केंद्रीय मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए एक लिंक के माध्यम से इस मंच का उद्घाटन किया। यह केंद्र मानेसर स्थित राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) छावनी में स्थित है।