गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों एवं अवैध कालोनियों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति के अंतर्गत एक अत्याधुनिक तकनीक-आधारित अभियान की शुरुआत की जा रही है। यह कदम उपाध्यक्ष अतुल वत्स द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है, जिसके तहत अब अवैध निर्माणों की पहचान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट इमेजिंग तकनीक के माध्यम से की जाएगी। इस अभियान में जिओमैट्रिक्स कंपनी की सहायता ली जा रही है जो सैटेलाइट इमेजेज का विश्लेषण कर अवैध निर्माणों को चिन्हित कर रही है। तकनीक आधारित यह प्रणाली जमीन पर निरीक्षण से पहले ही संभावित अवैध निर्माणों की सटीक पहचान करने में सक्षम है, जिससे कार्रवाई की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकेगी। प्रथम चरण में प्रवर्तन जोन-1 और जोन-2 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों को शामिल किया जायेगा। इनमें सर्वप्रथम मोदीनगर क्षेत्र में चिन्हित अवैध निर्माणों पर कार्यवाही की जाएगी। अवर अभियंता को इन निर्माणों पर त्वरित कार्रवाई करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना के साथ निर्देशित किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को जीडीए कार्यालय में किया गया, जिसमें प्रवर्तन प्रभारी संबंधित सहायक अभियंता अवर अभियंता एवं सुपरवाइजर सहित अन्य तकनीकी स्टाफ उपस्थित रहे।