मेरठ। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि मैनेजिंग डायरेक्टर ईशा दुहन (आईएएस) ने डिस्कॉम हैड क्वार्टर परिसर मेरठ मे स्थित (ओएमएस) आउटेज मैनेजमेन्ट सिस्टम एवं 24 घंटे कार्यरत कॅस्टमर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने डिस्कॉम मुख्यालय परिसर स्थित कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होनें फीडरों की कार्यशीलता बाधित आपूर्ति का अनुश्रवण एवं फीडर के री-स्टोर होने में लगने वाले समय की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। कंट्रोल रूम मे मैनेजिंग डायरेक्टर ने निर्देश दिये कि विद्युत आपूर्ति संबंधी शिकायतों का निस्तारण ससमय सुनिश्चित किया जाये। निरीक्षण मे मैनेजिंग डायरेक्टर ने हापुड के फीडर सदरपुर ग्रामीण मोदीनगर रोड एवं रामपुर रोड अधिक समय तक बाधित रहने पर अप्रसन्नता व्यक्त की और अधिशासी अभियन्ता कन्ट्रोल रूम से जवाब तलब किया। उन्होनें अधिक समय फीडर बॉधित होने पर (एटीआर) एक्शन टेकन रिपोर्ट संबंधित अधिकारी से प्राप्त करने के निर्देश दिये। मैनेजिंग डायरेक्टर ने निर्देश दिये कि फीडर बाधित होने पर विद्युत आपूर्ति को कम से कम समय मे री-स्टोर किया जाये अधिक समय तक फीडर बॉधित होने पर संबंधित अधिकारी की जवाब देही सुनिश्चित कर सख्त कार्यवाही की जायेगी। मैनेजिंग डायरेक्टर ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये कि विद्युत आपूर्ति एवं ट्रांसफार्मरों की खराबी के बारे मे सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये जिससे विद्युत व्यवधान को कम से कम समय में री-स्टोर किया जा सके। उन्होने 11 केवी फीडरों के आउटेज की निगरानी बेहतर ढंग से करने के निर्देश दिये। उन्होनें कहा कन्ट्रोल रूम 24 घंटे 7 दिन कार्यरत रहें उन्होने ओएमएस कन्ट्रोल रूम मे आपरेटरों की संख्या बढाने के निर्देश दिये। कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण करने के उपरान्त प्रबन्ध निदेशक द्वारा मंगल पाण्डेय नगर मेरठ स्थित 24 घंटे कार्यरत पीवीवीएनएल कस्टमर केयर सेंटर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रबन्ध निदेशक ने 1912 पर आने वाली शिकायतों की समीक्षा की समीक्षा में पाया गया कि उपभोक्ताओं की बिल, मीटर, सप्लाई, चोरी एवं क्षतिग्रस्त परिवर्तकों से संबधित शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, प्रबन्ध निदेशक द्वारा कस्टमर केयर प्रतिनिधियों से सोशल मीडिया जैसे टवीटर आदि पर आने वाली उपभोक्ताओं की शिकायतों की जानकारी ली इस संबंध में प्रबन्ध निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का तुरन्त गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। प्रबन्ध निदेशक ने कहा कि शिकायतो के निस्तारण में उपभोक्ताओं की सन्तुष्टी आवश्यक है, उन्होनें कहा कि शिकायत निस्तारित होने के उपरान्त शिकायतकर्ता का फीडबैक आवश्यक रूप से दर्ज किया जाये।
