रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। राजधानी रायपुर स्थित राजभवन में तीन विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। राजभवन में राज्यपाल रमेन डेका ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन विधायकों राजेश अग्रवाल, गुरु खुशवंत साहेब और गजेंद्र यादव को मंत्री पद की शपथ दिलाई। आज तीन मंत्रियों की नियुक्ति के साथ साय के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, साय मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक और अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने मंत्रिमंडल के नए सहयोगियों को बधाई दी है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने आज शपथ ग्रहण करने वाले कैबिनेट के नए सदस्य गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब तथा राजेश अग्रवाल को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त मंत्रीगण अपनी समर्पित निष्ठा और कार्यकुशलता के साथ जनसेवा के लिए पूर्ण तत्परता से कार्य करेंगे तथा छत्तीसगढ़ राज्य को विकास और सुशासन की दिशा में नए आयाम प्रदान करेंगे। साय ने सभी मंत्रियों के उज्ज्वल कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार सामूहिक सहयोग और प्रतिबद्धता के बल पर जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी। मंत्रिमंडल के आकार को लेकर संवैधानिक प्रावधान के बाद से छत्तीसगढ़ में पिछली सरकार तक मुख्यमंत्री सहित 13 मंत्री रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ ने हरियाणा मॉडल अपनाया है, जहां 90 सदस्ईय विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित 14 मंत्री होते हैं। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, किसी राज्य के मंत्रिपरिषद का आकार, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, विधानसभा की कुल संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। 90 सदस्यों वाले छत्तीसगढ़ में यह सीमा 13.5 है, जिससे 14 कैबिनेट सदस्यों के लिए जगह बनती है। छत्तीसगढ़ में 90 सदस्ईय विधानसभा में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 14 सदस्य हो सकते हैं। राज्य में 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में जीत के बाद 13 दिसंबर, 2023 को नई सरकार का गठन हुआ था। रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में हुए शपथ ग्रहण समारोह में विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री के रूप में तथा अरुण साव और विजय शर्मा ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। बाद में 22 दिसंबर 2023 को नौ अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी, जिसके बाद साय मंत्रिमंडल में कुल 12 सदस्य हो गए थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में रायपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने जाने के बाद रायपुर दक्षिण सीट के विधायक और मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया था, तब से साय मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल 11 सदस्य ही थे। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद साय मंत्रिमंडल के 14 में से सात सदस्य- अरुण साव, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओ. पी. चौधरी, टंक राम वर्मा, लक्ष्मी राजवाड़े और गजेंद्र यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं। वहीं मंत्रिमंडल के तीन सदस्य-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रामविचार नेताम और केदार कश्यप अनुसूचित जनजाति वर्ग (एसटी) से हैं। राज्य मंत्रिमंडल में अनुसूचित जाति (एससी) से दो सदस्य दयालदास बघेल और गुरु खुशवंत हैं तथा सामान्य वर्ग से दो सदस्य विजय शर्मा और राजेश अग्रवाल हैं।
