गयाजी (बिहार)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को विपक्षी गठबंधन इंडिया (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) पर आरोप लगाया कि वह सत्ता के उच्च स्तरों पर भ्रष्टाचार को समाप्त करने के उद्देश्य से उठाए गए कदमों का और देश की जनसांख्यिकी के समक्ष घुसपैठियों से उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए किए गए उपायों का विरोध कर रहा है। प्रधानमंत्री ने गयाजी में एक रैली में इस सप्ताह लोकसभा में अपनी सरकार द्वारा पेश किए गए संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 और बिहार में निर्वाचन आयोग द्वारा वर्तमान में किए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का अप्रत्यक्ष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने परोक्ष रूप से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का जिक्र करते हुए कहा, हमने एक खेदजनक स्थिति देखी है जिसमें सत्ता में बैठे लोग जेल से सरकार चला रहे हैं, सलाखों के पीछे से फाइलों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं, संवैधानिक मर्यादा की धज्जियां उड़ा रहे हैं। मोदी ने दावा किया कि उनकी 11 साल की सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं है। प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों में सामने आए अनेक घोटालों का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया, इसलिए हमने एक ऐसा कानून लाने का फैसला किया, जिसके तहत अगर कोई भ्रष्ट मुख्यमंत्री या यहां तक कि प्रधानमंत्री 30 दिन जेल में बिताता है तो उसे बर्खास्त किया जा सकता है। अगर कोई मामूली क्लर्क थोड़े समय के लिए भी जेल में रहता है तो उसे निलंबित कर दिया जाता है। लेकिन जब हम एक कड़ा कानून लेकर आए तो राजद, कांग्रेस और वामपंथी दल भड़क गए। वे इसलिए नाराज हैं क्योंकि उन्हें अपने पापों की सजा मिलने का डर है। उन्होंने कहा, कांग्रेस और राजद ने सत्ता में रहते हुए जनता के पैसे से अपनी तिजोरियां भरीं। इस उद्देश्य से, वे परियोजनाओं को अंतहीन रूप से लटकाए रखते थे। इसके विपरीत, मैं आज उस पुल का उद्घाटन कर रहा हूं जिसका शिलान्यास मैंने कुछ साल पहले ही किया था। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि दोनों विपक्षी दल संविधान (130वां संशोधन) विधेयक के खिलाफ हैं क्योंकि उनके अधिकतर नेता या तो जेल में हैं या जमानत पर हैं। लोकसभा में बुधवार को संविधान (130वां संशोधन) विधेयक पेश किया गया था जिसे संसद की संयुक्त समिति को भेज दिया गया है। इसमें गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तारी के बाद 30 दिन तक हिरासत में रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को हटाने का प्रस्ताव है।मोदी ने बिहार के गयाजी में अनेक परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद कहा कि राजद और उसके सहयोगी बिहार को केवल अपना वोट बैंक समझते हैं और राज्य में सब जानते हैं कि राजद नेता हमेशा भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं। मोदी ने कहा, राजद और कांग्रेस के शासनकाल में बिहार में कोई बड़ी परियोजना पूरी नहीं हुई। उन्होंने कभी जनता की भलाई के बारे में नहीं सोचा। बस, अपनी जेबें भरने में लगे रहे।
