बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार ने पहली बार लैंगिक अल्पसंख्यकों के एक राज्यव्यापी आधारभूत सर्वेक्षण और 15 जिलों में पूर्व देवदासियों का पुन:सर्वेक्षण करने की घोषणा की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर के कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह सर्वेक्षण उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के बारे में सटीक जानकारी एकत्रित करने और सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक पुनर्वास प्रदान करने के लिए किया जाएगा।15 जिले हैं बेलगावी, विजयपुरा, बागलकोट, रायचूर, कोप्पल, धारवाड़, हावेरी, गडग, कलबुर्गी, यादगीर, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, शिवमोगा, बेल्लारी और विजयनगर। सर्वेक्षण के संबंध में बृहस्पतिवर को जारी की गई एक विज्ञप्ति में कहा गया कि यह सर्वेक्षण कर्नाटक राज्य महिला विकास निगम 15 सितंबर से करेगा। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के लिए प्रारंभिक कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने दो ऐप विकसित किए हैं और साथ ही एक हेल्पलाइन भी शुरू की है। लैंगिक अल्पसंख्यकों का सर्वेक्षण राज्य के सभी तालुका सरकारी अस्पतालों और जिला सरकारी अस्पतालों में किया जाएगा, जबकि पूर्व देवदासियों का पुन:सर्वेक्षण 15 जिलों के तहसील बाल विकास परियोजना अधिकारियों के कार्यालयों में किया जाएगा।
