लखनऊ ।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) की पिछली सरकार के शासनकाल के दौरान हुई सरकारी भर्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि गड़बडय़िों की वजह से उनकी सरकार ने बहुत सारी भर्तियों की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी थी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 1112 कनिष्ठ सहायक और 22 एक्सरे तकनीशियन के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राज्य की पूर्ववर्ती सपा सरकार पर भर्तियों में धांधली किए जाने का आरोप लगाया और कहा, किस प्रकार की भर्तियां होती थीं। हमें बहुत सारी भर्तियों की जांच उस समय सीबीआई को देनी पड़ी थी।  उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2016 से एक व्यक्ति के नियुक्ति पत्र पर कई जिलों में छह अलग-अलग लोगों द्वारा नौकरी किए जाने के एक प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा, आपने देखा होगा कि एक व्यक्ति आठ-आठ जगह पर नाम लिखाकर पैसा लिए जा रहा था। वो तो जब जांच में सामने आया तब पता लगा। 
आदित्यनाथ ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, ए कौन लोग हैं वो ही लोग हैं जिनसे एक परिवार के लोग पैसा लेकर ए भर्ती करते थे और उत्तर प्रदेश की जनता को इस प्रकार से लूटते थे। वह भर्ती 2016 की है। अभी वह जांच चल रही है। वह जांच समय पर हो जाएगी तो ऐसे महाभारत के रिश्ते सामने आएंगे। अब वे बाकी का जीवन जेल में ही बिताने पर मजबूर होंगे।  उन्होंने कहा, ऐसा इसलिए क्योंकि उनके कारनामे ही ऐसे थे जिन्होंने उत्तर प्रदेश को विकास के पथ पर ले जाने के बजाय उससे लगातार दूर ही रखा।