इंदौर। इंदौर मेट्रो को दूसरे चरण के वाणिज्यिक परिचालन के लिए शुक्रवार को परखा गया और यह प्रायोगिक परीक्षण (ट्रायल रन) सफल रहा। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मेट्रो को सुपर कॉरिडोर स्टेशन क्रमांक-तीन से एमआर-10 स्टेशन के बीच करीब पांच किलोमीटर के मार्ग पर पांच से 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर परखा गया। अधिकारी ने बताया कि यह मार्ग गांधी नगर स्टेशन से रेडिसन चौराहा स्टेशन तक के 17.50 किलोमीटर लम्बे प्राथमिकता गलियारे का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि प्राथमिकता गलियारे में गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर स्टेशन क्रमांक-तीन तक करीब छह किलोमीटर लम्बे मार्ग पर पहले चरण के तहत वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया जा चुका है। अधिकारी ने बताया कि इंदौर मेट्रो के दूसरे चरण का वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने के लिए अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) और मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) की हरी झंडी जरूरी है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर के अंत तक दोनों इकाइयों की मंजूरी हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंदौर के पूर्व होलकर राजवंश की शासक देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर 31 मई को मेट्रो के पहले चरण के वाणिज्यिक परिचालन की शुरुआत की थी। अधिकारियों ने बताया कि इंदौर में कुल 31.32 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है जिसकी प्रस्तावित लागत 7,500.80 करोड़ रुपए है। अधिकारियों के मुताबिक, 35 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर में मेट्रो रेल के पूरे गलियारे पर कुल 28 स्टेशन होंगे जो स्थानीय लोक परिवहन को आसान, तेज और पर्यावरण के अनुकूल बनाएंगे।
