चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने देश की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी रानी वेलु नचियार की प्रतिमा का शुक्रवार को यहां गांधी मंडपम परिसर में अनावरण किया। रानी वेलु नचियार को वीरमंगई (वीर महिला) के नाम से भी जाना जाता है। रानी वेलु नचियार ने अंग्रेजों की सेना के विरुद्ध अपनी सेना का नेतृत्व किया और आठ वर्षों के निर्वासन के बाद अपना राज्य शिवगंगा वापस जीत लिया। सरकार ने बताया कि उन्होंने उत्तर भारत में अंग्रेजों के विरुद्ध लडऩे वाली झांसी की रानी (1835-1858 ई.) से लगभग सौ वर्ष पहले अंग्रेजों की शक्ति का सामना किया था। वेलु नचियार का जन्म तीन जनवरी 1730 को हुआ था और उनका निधन 25 दिसंबर 1796 में हुआ। ईस्ट इंडिया कंपनी की सेनाओं के विरुद्ध युद्ध में रानी को गोपाल नायक, तत्कालीन मैसूर साम्राज्य के शासक हैदर अली और टीपू सुल्तान ने भी सहायता प्रदान की थी। उन्होंने 10 वर्षों तक शासन किया और 1796 में उनका निधन हो गया। वह रामनाथपुरम के राजा चेल्लामुथु विजयरगुनाथ सेतुपति और रानी सकंधीमुथल की बेटी थी। उनके पति की अंग्रेज सैनिकों द्वारा हत्या किया किए जाने के बाद वह युद्ध में कूद पड़ी। उन्होंने भूमि, कर, कृषि, शिक्षा और महिला सुरक्षा सहित जन कल्याण के लिए कई सुधार लागू किए। बाद में, रानी ने अपनी बेटी वेल्लाची नचियार को शासन सौंप दिया सरकार ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने 50 लाख रुपए की लागत से उनकी प्रतिमा स्थापित की है।
