पटना। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने बुधवार को संकेत दिया कि बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव को इंडिया गठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, हालांकि उन्होंने इसका औपचारिक एलान करने से परहेज किया। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के इतर पार्टी के प्रचार एवं मीडिया विभाग के प्रमुख खेड़ा ने पत्रकारों से बातचीत की। जब उनसे महागठबंधन की ओर से यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने में कांग्रेस की झ्ािझक को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, हम मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे हैं। चेहरे आपके सामने हैं। सबको सब पता है। आप एक ऐसा सवाल पूछ रहे हैं जिसका जवाब पहले से ही सभी जानते हैं। साल 2020 में यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के कांग्रेस के फैसले का हवाला देते हुए जब उनसे पूछा गया कि इस बार ऐसा क्यों नहीं किया गया तो उन्होंने काव्यात्मक अंदाज में कहा, जब आसमान में सूरज चमक रहा हो तो उसकी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती। भाजपा नीत राजग नेताओं, खासकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के इस दावे को भी खेड़ा ने खारिज कर दिया कि पटना में सीडब्ल्यूसी की बैठक का आयोजन कांग्रेस की अपने सहयोगियों पर दवाब बनाने की कवायद है। उन्होंने कहा, भाइयों के बीच ताकत दिखाने जैसी कोई बात नहीं होती। सीट बंटवारे के सवाल पर खेड़ा ने कहा, जल्द ही सारी जानकारी साझा की जाएगी। बिहार में इंडिया गठबंधन में राजद के अलावा भाकपा (माले) लिबरेशन, भाकपा (माले), भाकपा और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी शामिल हैं। पत्रकारों ने जब यह पूछा कि स्वतंत्रता के बाद यह पहला मौका है जब बिहार में सीडब्लूसी की बैठक हो रही है, तो कांग्रेस नेता ने पलटवार किया, पहली बार वोट चोरी भी हुई है। खेड़ा ने आरोप लगाया, भारतीय जनता पार्टी सत्ता में बने रहने के प्रति सिर्फ इसलिए आश्वस्त रहती है क्योंकि वह वोट चोरी करती है। सत्ता पक्ष का यह अहंकार बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याओं के प्रति लापरवाही का कारण बन गया है। उन्होंने जोर देकर कहा, सीडब्ल्यूसी की यह बैठक बिहार के चुनावों की दृष्टि से नहीं बल्कि हमारे लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने के लिए है।
