भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण भारी वर्षा के पूर्वानुमान के मद्देनजर सभी जिलों को अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक बुलेटिन में कहा कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। उसने कहा, दो अक्टूबर की सुबह तक इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढऩे और बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम हिस्से के ऊपर एक अवदाब में तब्दील होने की संभावना है उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ते हुए, इसके और भी तीव्र होकर एक गहरे अवदाब में तब्दील होने और तीन अक्टूबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों को पार करने की संभावना है।  अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों से संभावित जलभराव, अचानक बाढ़, भूस्खलन और संबंधित गतिविधियों से निपटने के लिए कर्मियों और मशीनरी को तैयार रखने को कहा है। आईएमडी ने बुधवार को राज्य के 30 में से 25 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने और गंजाम, गजपति, रायगढ़, कोरापुट, मलकानगिरी एवं नबरंगपुर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। बुलेटिन में कहा गया है कि दो अक्टूबर को ओडिशा के सभी 30 जिलों में बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने दो अक्टूबर को कंधमाल, गजपति, रायगढ़, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में अलग-अलग स्थानों में मध्यम वर्षा तथा नयागढ़, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर, कटक, बालासोर, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में सात सेमी से 11 सेमी तक वर्षा होने की संभावना है। मछुआरों को एक अक्टूबर से चार अक्टूबर तक आसपास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। इस बीच, आईएमडी के वैज्ञानिक यू एस दास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वार्षिक मानसून सीजन मंगलवार को समाप्त हो गया है।