पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सीट बंटवारे को लेकर विपक्षी दलों के महागठबंधन के भीतर जारी चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और जल्द सभी भ्रम समाप्त हो जाएंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार चुनाव के लिए पार्टी पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने कहा, तमाम काम बहुत अच्छे से चल रहे हैं। एक-दो दिन में जो भी भ्रम है, वह पूरी तरह दूर हो जाएगा।  पत्रकारों से बातचीत में गहलोत ने स्वीकार किया कि बिहार की 243 विधानसभा सीट में से कुछ पर दोस्ताना मुकाबला की स्थिति बन सकती है, लेकिन उन्होंने इसे किसी बड़े विवाद के रूप में देखने से इनकार किया। उन्होंने कहा, कभी-कभी कार्यकर्ताओं में उत्साह होता है, स्थानीय परिस्थितियों के चलते ऐसी स्थितियां आती हैं। इसे महागठबंधन की कमजोरी नहीं बल्कि लोकतांत्रिक जोश के रूप में देखना चाहिए।  सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वामदलों के बीच जारी आंतरिक मतभेद के चलते महागठबंधन के घटक दल राज्य की कम से कम 11 विधानसभा सीट पर एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं। इस बीच, बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने भी राज्य की चुनावी रणनीति को लेकर पार्टी की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, बिहार में मुकाबला 243 सीट पर है और यह लड़ाई सीधे तौर पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के खिलाफ है। यह सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं बल्कि बिहार की जनता और उनके बच्चों के भविष्य की लड़ाई है।   अल्लावरु ने विश्वास जताया कि महागठबंधन जनता के मुद्दों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगा और बिहार में बदलाव की बयार लाएगा।