सिवान (बिहार)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को दावा किया कि कांग्रेस और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का अपमान किया था। उन्होंने यह भी कहा कि नेहरू ने प्रसाद को गुजरात के सोमनाथ मंदिर के जीर्णाेद्धार समारोह में शामिल न होने की सलाह दी थी। योगी आदित्यनाथ ने बिहार के सिवान जिले में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, कांग्रेस को बिहार की जनता ने इसलिए नकार दिया है क्योंकि उसने सरदार वल्लभभाई पटेल, बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुषों का अपमान किया। यहां तक कि पार्टी के अपने पूर्व अध्यक्ष सीताराम केसरी, जो इसी राज्य के थे, उन्हें भी अपमानित किया गया था। उन्होंने कहा, जब राजेंद्र बाबू ने सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने का निर्णय लिया, तब कांग्रेस के प्रधानमंत्री नेहरू ने उनसे कहा कि उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए। लेकिन राजेंद्र बाबू के लिए यह आस्था का विषय था। उन्होंने कहा कि वह पद छोडऩा पसंद करेंगे, पर समारोह में जाना नहीं छोड़ेंगे। योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसकी सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद)ने हमेशा हमारी आस्था और परंपराओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी राम रथ यात्रा निकाल रहे थे, तब उनके रथ को रोक दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में केंद्र ने उच्चतम न्यायालय में दायर एक हलफनामे में कहा था कि भगवान राम के अस्तित्व का कोई प्रमाण नहीं है। योगी ने कहा, लेकिन भाजपा और राजग ने हमारी परंपरा और आस्था को सदैव सम्मान दिया है। हमने वह वादा पूरा किया कि राम मंदिर उसी स्थान पर बनेगा, जहां वह होना चाहिए थ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि बिहार में राजग सत्ता में लौटता है तो राज्य से माफिया समाप्त कर दिए जाएंगे, जैसे उत्तर प्रदेश में खत्म कर दिए गए। उनकी अवैध संपत्तियां जब्त की जाएंगी और कई तो पहले ही नर्क भेजे जा चुके हैं।
