जम्मू। दरबार स्थानांतरण परंपरा की एक बार शुरुआत होने पर जम्मू में फिर से सरकारी कार्यालयों के खुलने पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि जम्मू कश्मीर को बांटने की चाहत रखने वाले नाकाम रहे हैं। अब्दुल्ला ने यहां कार्यालयों के फिर से खुलने के अवसर पर पत्रकारों से कहा कि केंद्र शासित प्रदेश एकजुट है और इसे सामूहिक रूप से विकास की ओर बढऩा चाहिए। उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर को अलग करने की चाहत रखने वाले आज विफल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के सभी हिस्से एक हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने वालों को राजनीति छोड़ देनी चाहिए और इसके बजाय लोगों के कल्याण एवं केंद्र शासित प्रदेश के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू भी प्रगति करेगा और उम्मीद जताई कि सचिवालय के आने से उसे अधिक से अधिक लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, इस (पूर्ववर्ती) राज्य को फिर से उठ खड़ा होना होगा। यह युद्धों सहित कई विनाशों से उबर चुका है तथा हमें मिलकर इसका पुनर्निर्माण करना होगा और इसे विकास की ओर ले जाना होगा। अब्दुल्ला ने इस कदम का स्वागत करने के लिए चैंबर ऑफ कॉमर्स और लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा, मैं जम्मू के हर उस शख्स का आभार व्यक्त करता हूं जिसने इस कदम का समर्थन किया। जैसे ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला रेजीडेंसी रोड और रघुनाथ बाजार से गुजरे जम्मू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सहित विभिन्न व्यापारी संघों ने उनका भव्य स्वागत किया और 2021 में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा रोकी गई वर्षों पुरानी परंपरा को फिर से शुरू करने के उनके फैसले की सराहना की। महाराजा हरि सिंह द्वारा शुरू की गई दरबार स्थानांतरण की परंपरा को एक बड़ा कदम बताते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि यह कदम जम्मू कश्मीर के लोगों के बीच एकता को दर्शाता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, इसका मतलब है कि जम्मू-कश्मीर के लोग खुद को एक मानते हैं, चाहे उनकी भाषा या धर्म कुछ भी हो, वे एक ही धरती के हैं। जनता की मांगों को पूरा करने के मुद्दे पर अब्दुल्ला ने कहा कि लंबे समय से की जा रही दरबार स्थानांतरण की मांग पूरी हो गई है और विश्वास व्यक्त किया कि अन्य मांगें भी अगले चार वर्षों के भीतर धीरे-धीरे पूरी हो जाएंगी। जम्मू कश्मीर में 11 नवंबर को होने वाले विधानसभा उपचुनावों के बारे में नेकां अध्यक्ष ने कहा, सभी को उम्मीद है कि चुनाव अच्छे होंगे और हमें भी उम्मीद है कि ए हमारे लिए बेहतर होंगे। हमारी उम्मीदें सकारात्मक हैं।
