पटना। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत सरकार के पक्ष में लहर का संकेत है और विपक्ष का यह दावा निराधार है कि यह परिणाम राजग के लिए चेतावनी की घंटी है। राज्य में भाजपा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने कही। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 121 विधानसभा क्षेत्रों में 64.69 प्रतिशत मतदान हुआ, जो राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक का सर्वाधिक है।प्रधान ने कहा, यह शानदार है। यह स्पष्ट रूप से उत्साहवर्धक मतदान का संकेत है। हाल के समय में कई जगहों पर देखा गया है कि लोग बड़ी संख्या में मौजूदा सरकार के पक्ष में मतदान करने निकलते हैं। बिहार में भी यही हो रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति जनता का विश्वास हिमालय जितना अटूट और ऊंचा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया और मीडिया से बात करने वाले अधिकतर मतदाताओं ने स्पष्ट कहा कि वे विकास और सुरक्षा के लिए वोट कर रहे हैं।  प्रधान ने कहा यह इस बात का साफ संकेत है कि हवा किस दिशा में बह रही है। उन्होंने साथ ही कहा कि राजग की चुनावी नीति सुशासन पर आधारित है, जो राजद-कांग्रेस शासन के जंगलराज की छवि के विपरीत है।  प्रधान ने केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के इस अनुमान से सहमति जताई कि राजग बिहार की 243 सदस्ईय विधानसभा में 160 से अधिक सीटें जीत सकता है। नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री बनने संबंधी सवाल पर प्रधान ने कहा, हम बार-बार कह चुके हैं कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में मुख्यमंत्री पद रिक्त नहीं है। पिछले 20 वर्षों से यह पद एक ही व्यक्ति के पास है। हां, यह समस्या विपक्ष में हो सकती है, जहां एक ही परिवार के कई सदस्य कुर्सी के लिए लालायित हैं।  प्रधान ने इंडिया गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा और कहा कि बंपर मतदान को राजद-गठबंधन की जीत का संकेत मानना उनकी गलतफहमी है। उन्होंने कहा, लोकतंत्र में लोगों को दिवास्वप्न देखने का अधिकार है। कुछ ही दिनों में नतीजे सब साफ कर देंगे।  राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोप पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह हमारे विपक्षी नेता के मानसिक दिवालिएपन को दर्शाता है।  प्रधान ने कहा, लगता है राहुल गांधी कुछ ऐसे समाज वैज्ञानिकों के इशारे पर चल रहे हैं जो केवल झूठी कहानियां गढऩे के लिए शोध करते हैं। वे वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं जबकि उनकी पार्टी कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कई वर्षों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था।  उन्होंने लखीसराय में पहले चरण के दौरान उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता विजय कुमार सिन्हा के काफिले पर हुए कथित हमले को छोटी घटना बताते हुए कहा, बिहार एक बड़ा राज्य है, जहां ऐसी मामूली घटनाओं को हमें नजऱअंदाज़ करना चाहिए। बचपन में हम सुनते थे कि बिहार में चुनाव हिंसा की भयावह कहानियां होती थीं बूथ कैप्चरिंग आम थी और अनेक निर्दाेष लोग मारे जाते थे। आज हम मतदान के अगले दिन आराम से चुनाव पर चर्चा कर रहे हैं। यह बिहार की बहुत लंबी यात्रा का परिणाम है।