गंगटोक। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने शुक्रवार को कहा कि वंदे मातरम् एक पवित्र गीत है जो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक है। तमांग ने इसे देश की एकता, शक्ति तथा गर्व का शाश्वत प्रतीक बताया। तमांग ने कहा कि यह गीत बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा अक्षय नवमी के अवसर पर लिखा गया था, जो वर्ष 1875 में सात नवंबर को पड़ी थी। मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर जारी एक संदेश में कहा, जब हम वंदे मातरम् के 150 गौरवशाली वर्षों का स्मरण कर रहे हैं, हम उस पवित्र गीत को नमन करते हैं जिसने हमारे राष्ट्र की आत्मा को जागृत किया। उन्होंने कहा, वंदे मातरम् की प्रेरणादायक पंक्तियां भारत के स्वतंत्रता संग्राम की धड़कन बनीं और देश की एकता, शक्ति एवं गौरव का शाश्वत प्रतीक बन गईं। तमांग ने सभी नागरिकों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुक्रवार को आरंभ किए गए वंदे मातरम् के वर्षभर चलने वाले राष्ट्रव्यापी समारोह में सहभागी बनने की अपील की।उन्होंने कहा, मेरी कामना है कि वंदे मातरम् की अमर भावना हमें समर्पण, साहस और प्रेम के साथ अपनी मातृभूमि की सेवा करने के लिए प्रेरित करती रहे।
