अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा है कि उनकी सरकार ने वित्त वर्ष २०२५-२६ के लिए कुल बजट परिव्यय का ४० प्रतिशत हिस्सा आदिवासी कल्याण के लिए रखा है। चालू वित्त वर्ष के लिए राज्य का बजट ३२,००० करोड़ रुपए है। मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को धलाई जिले के चैलेंग्टा में एक कार्यक्रम में कहा कि आदिवासी लोगों के उत्थान के बिना पूर्वोत्तर राज्य का विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा, राज्य सरकार ने इस वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए २०२५-२६ वित्त वर्ष के दौरान आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए बजट का ४० प्रतिशत से अधिक हिस्सा रखा है। सरकार आदिवासियों, विशेष रूप से पुनर्वासित ब्रू लोगों के कौशल विकास पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।  अपने गृह राज्य मिजोरम में १९९० के दशक में हुई जातीय हिंसा के कारण त्रिपुरा में रह रहे ब्रू समुदाय के हजारों परिवार २०२० में हस्ताक्षरित एक समझौते के बाद इस राज्य के कई जिलों में पुनर्वासित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री कौशल्या योजना और मुख्यमंत्री दक्षता योजना के तहत सरकार इन ब्रू लोगों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है।  साहा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंबासा में पुनर्वासित ब्रू समुदाय के एक गांव का दौरा करते समय कहा था कि घर, पानी और अन्य सुविधाएं प्रदान करना उनकी स्थाई आजीविका के लिए पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा, कौशल विकास विभाग उन्हें प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। ब्रू लोगों ने कहा है कि वे खुश हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। हमें ब्रू लोगों को कौशल प्रदान करना चाहिए ताकि उनके लिए रोजगार सुनिश्चित हो सके।  मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले २३ साल में किसी भी राजनीतिक दल या सरकार ने ब्रू लोगों के स्थाई समाधान के लिए आवाज नहीं उठाई। उन्होंने कहा, भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के नेतृत्व वाली सरकार ने मानवीय आधार पर एक समझौते पर हस्ताक्षर करके उनकी समस्याओं का समाधान किया। हमारी सरकार आपके साथ है और आपके विकास के लिए काम कर रही है। सरकार लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है।  साहा ने कहा कि जब २०२० में ब्रू लोगों के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, तब कई वार्ताएं हुईं और अंतत: उन्हें पूर्वोत्तर राज्य में १२ स्थानों पर बसाया गया। उन्होंने कहा, हमने ८९५ लोगों को टूलकिट और २०० लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किए हैं, जिस पर १.४५ करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।  इससे पहले, मुख्यमंत्री ने ब्रू समुदाय के कुशल लोगों को टूलकिट वितरित कीं और एक स्कूल एवं कई सरकारी विभागों के नए भवनों का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया।