नई दिल्ली। कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बाद हाल में हुई बारिश से प्रमुख फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि इससे ग्रीष्मकालीन फसल उत्पादन की संभावनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मौसम प्रणाली पर चतुर्वेदी ने कहा कि अत्यधिक गर्मी के बाद अचानक वर्षा, ओलावृष्टि और तेज हवाएं वर्ष के इस समय आमतौर पर देखी जाती हैं।
हालांकि, उन्होंने जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी मौसम स्थितियों की अप्रत्याशितता एवं गंभीरता की ओर इशारा किया। चतुर्वेदी ने कहा, अचानक हुई बारिश से अब तक किसी नुकसान की खबर नहीं है। इससे मूंग, मक्का और धान जैसी ग्रीष्मकालीन (जायद) फसलों को फायदा होगा। कृषि सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण पके हुए आम और लीची के फल गिर सकते हैं। उन्होंने कहा, राज्य सरकारों ने अभी तक इसका आकलन नहीं किया है और मंत्रालय को रिपोर्ट नहीं दी है।
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आगामी खरीफ सत्र के बारे में चतुर्वेदी ने कहा कि जुलाई से शुरू होने वाली धान की बुवाई की तैयारी अच्छी चल रही है। उन्होंने साथ ही यह भी संकेत दिया कि 2024-25 फसल वर्ष (जुलाई-जून) के लिए तीसरा खाद्यान्न उत्पादन अनुमान अगले तीन से चार दिन में जारी होने की संभावना है, जिसमें कुछ फसलों में मामूली वृद्धि की उम्मीद है।
