नई दिल्ली। ग्रो ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के लिए बाजार नियामक सेबी के समक्ष दस्तावेज दाखिल किए हैं। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने सोमवार को बताया कि स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी ने गोपनीय मार्ग से भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष दस्तावेज दाखिल किए। आईपीओ का अनुमानित आकार 70 करोड़ डॉलर से एक अरब डॉलर के बीच हो सकता है।
यह नए निर्गम और बिक्री पेशकश (ओएफएस) का संयोजन होगा। मामले से परिचित लोगों ने बताया कि कंपनी को पीक एक्सवी, टाइगर कैपिटल और माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला जैसे प्रमुख निवेशकों का समर्थन प्राप्त है। कंपनी आईपीओ से प्राप्त राशि का इस्तेमाल प्रौद्योगिकी विकास एवं कारोबार विस्तार में निवेश के लिए करने की योजना बना रही है।
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इस निर्गम का प्रबंधन करने के लिए ग्रो ने जेपी मॉर्गन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स प्राइवेट लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल लिमिटेड और मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज लिमिटेड को नियुक्त किया है। ग्रो की स्थापना 2016 में की गई थी। यह वित्त वर्ष 2024-25 में भारत में सबसे तेजी से बढऩे वाला खुदरा ब्रोकिंग मंच बन गई, जिसके पास मार्च 2025 तक 26 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी थी।
