नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लि. (ओएनजीसी) कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत जम्मू-कश्मीर में चार स्थानों पर आपदा प्रबंधन और यात्री निवास परिसर विकसित कर रही है। कंपनी ने बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर के बालटाल, नुनवान, बिजबेहरा व सिधरा में बन रही इन संपत्तियों का संचालन श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड द्वारा किया जाएगा। ओएनजीसी ने कहा कि ए सुविधाएं अमरनाथ यात्रा करने वाले लोगों को सुरक्षित आवास, साफ-सफाई और आपातकालीन सहायता प्रदान करेंगी।
इस स्थाई बुनियादी ढांचे का फायदा पूरे साल स्थानीय लोगों को भी मिलेगा। हर साल पांच लाख से ज्यादा लोग अमरनाथ यात्रा पर जाते हैं। बयान के अनुसार, बालटाल यात्री निवास 6,315 वर्ग मीटर में फैला है और आपदा प्रबंधन परिसर अब पूरी तरह परिचालन में है। इसमें यात्री निवास, अतिथि गृह, सुरक्षा ढांचा और आपदा-प्रतिक्रिया सुविधाएं शामिल हैं। बयान के अनुसार, बालटाल सुविधा का औपचारिक उद्घाटन शुक्रवार चार जुलाई को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे।
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इस मौके पर ओएनजीसी के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुण कुमार सिंह भी उपस्थित रहेंगे। कंपनी ने बताया कि नुनवान (8,500 वर्ग मीटर) और बिजबेहरा (7,640 वर्ग मीटर) में निर्माण कार्य प्रगति पर है। दोनों स्थलों पर निर्माण कार्य सितंबर, 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। जम्मू में सिधरा परिसर को बोर्डिंग, आपातकालीन प्रबंधन और लॉजिस्टिक समन्वय हेतु एक अहम केंद्र के तौर पर काम करने के लिए तैयार किया गया है। इसे सितंबर, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
