नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी मकानों की बिक्री में तेज वृद्धि हुई है। इस साल पहली छमाही में लग्जरी मकानों की बिक्री सालाना आधार पर तीन गुना से अधिक होकर 3,960 रही। इनमें से प्रत्एक की कीमत छह करोड़ रुपए या उससे अधिक है। सीबीआरई और एसोचैम की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक साल पहले समान अवधि में दिल्ली-एनसीआर में।,280 इकाइयों की बिक्री हुई थी। रिपोर्ट में कहा गया , लग्जरी आवास खंड में जनवरी-जून 2025 में बिक्री में 85 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई जिसमें शीर्ष सात शहरों में लगभग 7,000 इकाइयां थी।
मुंबई और दिल्ली-एनसीआर में छह करोड़ रुपए और उससे अधिक कीमत वाले मकानों को लग्जरी श्रेणी में रखा गया। बेंगलुरु तथा हैदराबाद में लग्जरी श्रेणी पांच करोड़ रुपए व उससे अधिक के मकान जबकि पुणे, चेन्नई तथा कोलकाता में चार करोड़ रुपए और उससे अधिक मूल्य के मकान को लग्जरी श्रेणी में माना गया। यह रिपोर्ट शुक्रवार को एसोचैम और सीबीआरई द्वारा आयोजित रियल एस्टेट सम्मेलन में जारी की गई। सीबीआरई इंडिया के प्रबंध निदेशक (पूंजी बाजार एवं भूमि) गौरव कुमार ने कहा, भारत का आवासीय बाजार रणनीतिक मजबूती के दौर में प्रवेश कर चुका है।
और भी पढ़ें
- अरुणाचल प्रदेश एसएसबी भर्ती 2026: एमटीएस के 93 पदों पर वैकेंसी, 9 नवंबर से शुरू होंगे आवेदन
- मॉर्फिन के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
- असम में 6,347 तृतीय श्रेणी अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री करेंगे नियुक्ति पत्र वितरित
- भारत - यूरोपीय संघ के व्यापार मंत्रियों ने अधिकारियों को एफटीए वार्ता में तेजी लाने का निर्देश दिया
वृहद आर्थिक बुनियादी बातें मजबूत बनी हुई हैं। वहीं लग्जरी व प्रीमियम आवासों की उल्लेखनीय वृद्धि उपभोक्ताओं के बढ़ते विश्वास और जीवनशैली संबंधी आकांक्षाओं का संकेत है। एसोचैम के महासचिव मनीष सिंघल ने कहा, आवास क्षेत्र में तेजी और नीतिगत बदलाव ऐसे सुधारों की आवश्यकता को बताते हैं जो मंजूरी को आसान बनाएं, शहरी भारत में किफायती आवास को पुनर्परिभाषित करें और सतत विकास को प्रोत्साहित करें।
