रियाद। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात की। दोनों देशों के नेताओं के बीच 25 साल बाद यह पहली मुलाकात है। इससे पहले 2000 में, सीरिया के तब के राष्ट्रपति हाफिज अल असद ने जिनेवा में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन से मुलाकात की थी। ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और तुर्किए के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दाेआन ने उन्हें अल-शरा से मिलने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसके बाद यह मुलाकात हुई। ट्रंप ने सीरिया पर बरसों से लागू प्रतिबंध हटाने का भी संकेत दिया है।ट्रंप और अल-शरा के बीच 33 मिनट तक चली बैठक में मोहम्मद बिन सलमान भी मौजूद रहे। तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु के अनुसार एर्दाेआन ने भी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बैठक में हिस्सा लिया। यह बैठक बंद कमरे में हुई और पत्रकारों को वहां जाने की अनुमति नहीं थी।
ट्रंप ने मंगलवार को विदेश नीति से संबंधित अपने व्यापक संबोधन में कहा था, उम्मीद है कि नई सरकार देश को स्थिर व शांति बनाए रखने में सफल होगी। इसी संबोधन के दौरान उन्होंने कहा था कि वह सीरिया पर 2011 से लागू प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा, हम सीरिया में ऐसा होते देखना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा कि वह एक दशक से अधिक समय से गृहयुद्ध का सामना कर रहे सीरिया को अल-शरा के नेतृत्व में ैशांति का मौकौ देना चाहते हैं। अल-शरा के साथ वार्ता के बाद ट्रंप बुधवार को रियाद में खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की बैठक के लिए रियाद रवाना हो गए। जीसीसी में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इसके बाद वह कतर के लिए रवाना हो जाएंगे।
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ट्रंप म एशिया के दौरे पर हैं और सऊदी अरब के बाद वह कतर की यात्रा करेंगे। ट्रंप और अल-शरा की मुलाकात सीरिया के लिए एक बड़े घटनाक्रम का प्रतीक है, जो असद परिवार के 50 साल से अधिक समय के कठोर शासन के बाद उबरने की कोशिश कर रहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि अल-शरा के अल-कायदा से संबंध रहे थे और वह सीरियाई युद्ध में हिस्सा लेने से पहले इराक में अमेरिकी सेना से लड़ने वाले विद्रोहियों में शामिल थे। 2011 में संघर्ष शुरू होने के बाद अल-शरा ने सीरिया वापस आकर अल-कायदा की शाखा का नेतृत्व किया, जिसे नुसरा फ्रंट के नाम से जाना जाता था।
सीरिया में 2011 में गृहयुद्ध छिड़ गया था। पिछले साल दिसंबर में शरा के नेतृत्व में हयात तहरीर अल-शाम के विद्रोहियों ने राष्ट्रपति बशर अल-असद को सत्ता से हटा दिया था। इसके साथ ही सीरिया में असद परिवार के 54 साल के शासनकाल का अंत हो गया था। सीरिया पर से प्रतिबंध हटाने के ट्रंप के संकेत के बाद देश में जश्न का माहौल है। राजधानी दमिश्क में लोगों ने रात के समय आतिशबाजी करके अपनी खुशी जाहिर की। सरकारी समाचार एजेंसी सना ने वीडियो और तस्वीरें प्रकाशित की हैं, जिनमें उमय्यद स्कवायर पर लोग जश्न मनाते हुए दिख रहे हैं। कई लोगों ने जश्न मनाते हुए अपनी कारों के हॉर्न बजाए और नया सीरियाई झंडा लहराया।
