कोलंबो। श्रीलंका सरकार ने देश के सर्वाेच्च न्यायालय को बताया है कि 2019 के ईस्टर बम धमाकों के 660 से अधिक पीड़ितों को मुआवजा दिया जा चुका है। अटॉर्नी जनरल विभाग ने बुधवार को शीर्ष अदालत को सूचित किया कि क्षतिपूर्ति कार्यालय ने 661 पीड़ितों को 31 करोड़ श्रीलंकाई रुपए (8.8 करोड़ भारतीय रुपए) का भुगतान किया है, जो मुआवजे के रूप में प्राप्त राशि का 99 फीसदी से अधिक हिस्सा है।
सर्वाेच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों से जुड़ी उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें हमले को रोकने में नाकाम रहने के लिए दोषी पाए गए लोगों से वसूली गई मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया था। ईस्टर बम धमाकों में 270 लोग मारे गए थे और 500 से अधिक घायल हुए थे।
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जनवरी 2023 में शीर्ष अदालत ने तत्कालीन राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना और राज्य खुफिया सेवा के निदेशक नीलांथा जयवर्धने सहित कई पूर्व सरकारी अधिकारियों को खुफिया अलर्ट के बावजूद हमलों को रोकने में नाकाम रहने के लिए पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश दिया था। सिरिसेना ने सिलसिलेवार बम धमाकों की जांच के लिए एक समिति गठित की थी, जिसने उन्हें खुफिया रिपोर्ट को नजरअंदाज करने का दोषी पाया था।
