मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार ने देश के संस्थापक और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता मुजीबुर्हमान के चित्र को नए मुद्रा नोटों से हटाने के कुछ दिन बाद मंगलवार को यह कदम उठाया है।
ढाका। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कानून में संशोधन करके बंगबंधु शेख मुजीबुर्हमान की राष्ट्रपिता की उपाधि वापस ले ली है और उनका उल्लेख स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर किया गया है। बुधवार को मीडिया में आई खबरों में यह जानकारी दी गई है।मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार ने देश के संस्थापक और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता मुजीबुर्हमान के चित्र को नए मुद्रा नोटों से हटाने के कुछ दिन बाद मंगलवार को यह कदम उठाया है।
राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर्हमान शब्द को भी संशोधित किया
ढाका ट्रिब्यून अखबार की खबर के अनुसार, अंतरिम सरकार ने राष्ट्रीय स्वतंत्रता सेनानी परिषद अधिनियम में संशोधन करते हुए स्वतंत्रता सेनानी की परिभाषा में परिवर्तन कर दिया है।कानून, न्याय और संसदीय मामलों के मंत्रालय ने मंगलवार रात को संबंधित अध्यादेश जारी किया। खबर में कहा गया है कि कानून में संशोधन के तहत राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर्हमान शब्द को भी संशोधित किया गया है। बीडी 24 न्यूज पोर्टल के अनुसार, राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान शब्द और कानून के वे हिस्से जिनमें बंगबंधु शेख मुजीब का नाम था, उन्हें हटा दिया गया है।
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मुक्ति संग्राम की नई परिभाषा
डेली स्टार समाचार पत्र ने बताया कि अध्यादेश के तहत मुक्ति संग्राम की परिभाषा में भी थोड़ा बदलाव किया गया है। खबर में कहा गया है, मुक्ति संग्राम की नई परिभाषा में बंगबंधु शेख मुजीबुर्हमान का नाम हटा दिया गया है। पिछली परिभाषा में उल्लेख किया गया था कि संग्राम बंगबंधु के स्वतंत्रता के आह्वान के तहत छेड़ा गया था।
