सियोल। दक्षिण कोरिया की विधायिका ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक एओल द्वारा दिसंबर में अल्पकालिक मार्शल लॉ लगाए जाने और उनकी पत्नी के खिलाफ आपराधिक आरोपों की विशेष जांच शुरू करने के लिए बृहस्पतिवार को विधेयक पारित किए। कई महीनों की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद मुखर उदारवादी नेता ली जे-म्यांग ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के रूप में बुधवार को पदभार ग्रहण किया और इसके एक ही दिन बाद उन्होंने अपदस्थ रूढ़ीवादी नेता यून के खिलाफ यह कदम उठाया।

इससे पहले मार्शल लॉ लगाए जाने के कारण महाभियोग के बाद यून और दक्षिण कोरिया की कार्यवाहक सरकार ने इन विधेयकों के खिलाफ वीटो का इस्तेमाल किया था। मार्शल लॉ लागू किए जाने पर विवाद के बाद यून को पद से हटा दिया गया था। इन विधेयकों पर नए राष्ट्रपति म्यांग द्वारा हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। रूढ़िवादी पीपुल्स पावर पार्टी के कई सदस्यों ने मतदान में भाग लेने से इनकार कर दिया। पार्टी के एक सांसद ने अपने भाषण में उदारवादियों पर प्रतिशोध की भावना से काम करने का आरोप लगाया।

ली ने विपक्षी नेता के रूप में यून पर महाभियोग चलाने और उन्हें पद से हटाने के विधाई प्रयासों को आगे बढ़ाया था लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रचार अभियान के दौरान रूढ़िवादियों को निशाना न बनाने का वादा किया था और राजनीतिक ध्रुवीकरण को समाप्त करने का आह्वान किया था।