तेल अवीव। संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) की प्रमुख सिंडी मैकेन ने गाजा में भुखमरी का हवाला देते हुए इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मानवीय सहायता तत्काल बढ़ाने पर चर्चा की है। मैकेन ने बृहस्पतिवार को एसोसिएटेड प्रेस से कहा, मैंने गाजा में स्वयं माताओं और बच्चों से मुलाकात की जो भुखमरी की स्थिति में हैं। यह एक सच्चाई है और यह हो रहा है। 

मानवीय सहायता पहुंचाने के प्रयासों को तुरंत दोगुना करना होगा

सिंडी मैकेन ने कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू जाहिर तौर पर चिंतित थे कि लोगों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा है। हालांकि नेतन्याहू पहले इस बात से इनकार करते रहे हैं कि गाजा में अकाल है और उन्होंने इसे हमास द्वारा फैलाई गई प्रचार मुहिम बताया था। मैकेन ने कहा, हम इस बात पर सहमत हुए कि अधिक मानवीय सहायता पहुंचाने के प्रयासों को तुरंत दोगुना करना होगा। हमारी राहत गाड़ियों के लिए पहुंच और सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

इज़राइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा

गाजा के सबसे बड़े शहर में अकाल घोषित किए जाने के बाद इज़राइल पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है। इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन (आईपीसी) द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि संघर्ष विराम और सहायता के लिए पहुंच में ढील नहीं दी गई, तो यह संकट पूरे गाजा क्षेत्र में फैल सकता है। इज़राइल ने इस घोषणा को खारिज कर बुधवार को आईपीसी से औपचारिक वापसी की मांग की। इज़राइली सेना की मानवीय सहायता एजेंसी सीओजीएटी ने बृहस्पतिवार को कहा कि हर दिन 300 से अधिक मानवीय सहायता ट्रक गाजा में प्रवेश कर रहे हैं, जिनमें अधिकतर खाद्य सामग्री होती है।

डब्ल्यूएफपी प्रमुख ने विस्थापित परिवारों से मुलाकात की

हालांकि सहायता एजेंसियों का कहना है कि इस वर्ष की शुरुआत में सहायता अवरोध और खाद्य उत्पादन में गिरावट के कारण यह आपूर्ति पर्याप्त नहीं है। मैकेन ने मंगलवार को गाजा के तंबुओं में रह रहे विस्थापित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, मैंने 11 सदस्ईय परिवार से मुलाकात की जो गाजा के उत्तरी हिस्से से आया था। उन्हें पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाया और अब भी उनकी स्थिति वैसी ही है। 

गाजा में अकाल एक समकालीन त्रासदी है:गुतारेज

उन्होंने कहा कि भोजन की आपूर्ति बढ़ रही है, लेकिन हालात को देखते हुए अब इसमें तीव्र वृद्धि की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेज़ ने कहा कि गाजा में अकाल एक समकालीन त्रासदी है और इज़राइल की सैन्य कार्वाई का नया चरण खतरनाक मोड़ की ओर इशारा करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा और लाखों पीड़ितों को फिर से पलायन के लिए मजबूर करेगा। गुतारेज़ ने कहा, गाजा मलबे और लाशों से पटा पड़ा है, और ऐसे उदाहरणों की कमी नहीं है जो अंतरराष्ट्रीय कानून के गंभीर उल्लंघन हो सकते हैं। 

प्रस्ताव के तहत 10 जीवित बंधकों की रिहाई

 मिस्र और कतर के मध्यस्थ 60-दिन के संघर्षविराम प्रस्ताव पर इज़राइल की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कतर के विदेश मंत्री ने बताया कि हमास इस प्रस्ताव को पहले ही स्वीकार कर चुका है। प्रस्ताव के तहत 10 जीवित बंधकों की रिहाई, 18 मृतकों के शवों का सौंपा जाना और इज़राइली सेना की गाजा से बफर ज़ोन तक वापसी शामिल है। गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 63,000 लोगों की मौत हो चुकी है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इसमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं।

हमास के हमले में करीब1,200 लोगों की मौत हुई 

यह मंत्रालय हमास शासित प्रशासन का हिस्सा है, लेकिन स्वतंत्र विशेषज्ञों और संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसे युद्ध संबंधी मौतों का सबसे विश्वसनीय स्रोत माना जाता है। इज़राइल इन आंकड़ों को खारिज करता है, स्वतंत्र आंकड़े नहीं देता। सात अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में करीब।,200 लोगों की मौत हुई और 251 लोगों को बंधक बनाया गया था। अब तक अधिकतर बंधकों को रिहा किया जा चुका है। वर्तमान में लगभग 50 बंधक गाजा में हैं, जिनमें करीब 20 के जीवित होने का अनुमान है।

इज़राइल की जिम्मेदारी है कि लोगों की रक्षा करे

गुतारेज़ ने कहा कि कब्जा करने वाली ताकत के रूप में इज़राइल की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों की रक्षा करे, मानवीय सहायता की पहुंच सुनिश्चित करे और उनकी बुनियादी आवश्यकताएं पूरी करे। उन्होंने कहा, भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रणाली को योजनाबद्ध तरीके से समाप्त करना, मानवता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ जानबूझकर लिए गए फैसले हैं।