काठमांडू। नेपाल के उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि देश के न्यायिक इतिहास का हिस्सा रहे महत्वपूर्ण दस्तावेज हाल ही में हुए छात्रों के नेतृत्व वाले सरकार विरोधी प्रदर्शनों में लगभग नष्ट हो गए।हालांकि, न्यायालय ने जल्द से जल्द कामकाज फिर से शुरू करने का संकल्प जताया है।प्रधान न्यायाधीश प्रकाशमान सिंह राउत ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा, हम हर परिस्थिति में न्याय के मार्ग पर अडिग और दृढ़ हैं। 

 समाचार पोर्टल माय रिपब्लिका शनिवार को प्रधान न्यायाधीश के हवाले से कहा, हम नागरिकों की न्याय की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए जल्द से जल्द अदालती कामकाज फिर से शुरू करने का संकल्प लेते हैं। प्रधान न्यायाधीश ने देश भर में फैले जेन जेड आंदोलन के दौरान आगजनी, पथराव, तोड़फोड़ और लूटपाट के कारण अदालती इमारतों को हुए नुकसान पर दुख व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि नेपाल के न्यायिक इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज हिंसा में लगभग नष्ट हो गए।भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्वाई में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई थी। इसके विरोध में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों के प्रधानमंत्री कार्यालय में घुसने के तुरंत बाद मंगलवार को प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया था। सोशल मीडिया पर प्रतिबंध सोमवार रात हटा लिया गया था। नेपाल पुलिस के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को शुरू हुए जेन जेड (1997 से 2012 के बीच जन्मे लोग) के नेतृत्व वाले प्रदर्शनों में एक भारतीय नागरिक समेत कम से कम 51 लोगों की मौत हुई है।