वाशिंगटन। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यमन में हूती विद्रोहियों पर होने वाले सैन्य हमले से संबंधित संवेदनशील योजनाएं अपने निजी फोन से साझा करके अमेरिकी सैनिकों को जोखिम में डाल दिया। पेंटागन के महानिरीक्षक की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट में रक्षा मंत्रालय में अनुमोदित नहीं किए गए मैसेजिंग ऐप और उपकरणों के उपयोग की भी आलोचना की गई है। निरीक्षक ने पाया कि हेगसेथ के पास सिग्नल चैट नामक मैसेजिंग ऐप में साझा की गई जानकारी को डी-क्लासिफाई यानी गोपनीय श्रेणी से हटाने का अधिकार था। रिपोर्ट में कहा गया है कि हूती विद्रोहियों पर होने वाले हमले का संवेदनशील विवरण जारी करना, पेंटागन के आंतरिक नियमों का उल्लंघन है। इससे अभियान में शामिल सदस्यों या उनके मिशन को खतरा हो सकता था।रिपोर्ट के अनुसार, हेगसेथ द्वारा साझा की गई जानकारी में अमेरिकी विमानों के उड़ान समय और संख्या जैसे विवरण थे, जिसने परिचालनीय सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा किया।
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रिपोर्ट के अनुसार इसके परिणामस्वरूप अमेरिकी अभियान विफल हो सकता था और अमेरिकी पायलटों को संभावित नुकसान पहुंचने की आशंका थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि यह जानकारी दुश्मनों के हाथ लग जाती, तो हूती सुरक्षा बल अमेरिकी हमलों से बचने के लिए अपने लड़ाकों और संसाधनों को नए सिरे से तैनात कर सकते थे। हेगसेथ ने इस रिपोर्ट के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि ैकोई गोपनीय जानकारी नहीं थी। पूरी तरह निर्दाेष हूं। बात खत्म।
हालांकि, डेमोक्रेटिक सांसदों ने हेगसेथ के कार्यों को ैलापरवाही भरौ बताया है और कहा है कि अगर किसी निचले स्तर के सैन्य अधिकारी ने ऐसा किया होता, तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता या कड़ी सजा दी जाती।महानिरीक्षक कार्यालय ने सूचना सुरक्षा को लेकर रक्षा विभाग के कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने की सिफारिश की है।
