नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) को यात्री की पहचान स्थापित करने के लिए उसके आधार आईडी को सत्यापित करने के लिए अधिकृत किया है। इस साल 27 मई को जारी गजट अधिसूचना में कहा गया है, रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड, अधिसूचित करता है कि रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) को हां/नहीं या ईकेवाईसी प्रमाणीकरण सुविधा का उपयोग करके टिकट जांच कर्मचारियों, चालक दल के सदस्यों और यात्रियों की पहचान स्थापित करने के लिए स्वैच्छिक आधार पर आधार सत्यापन की अनुमति दी जाती है। अधिसूचना के लगभग एक सप्ताह बाद, चार जून 2025 को, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया, भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुक करने के लिए ई-आधार सत्यापन का उपयोग करना शुरू करेगा। वैष्णव ने कहा, इससे वास्तविक उपयोगकर्ताओं को जरूरत के समय कन्फर्म टिकट पाने में मदद मिलेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पाेरेशन (आईआरसीटीसी) फिलहाल तीसरे पक्ष के माध्यम से आधार सत्यापन करवाता है, लेकिन गजट अधिसूचना के बाद सत्यापन करवाना काफी आसान और तेज हो जाएगा। अधिकारी ने कहा, टिकट जांच करने वाले कर्मचारियों और चालक दल के सदस्यों को भी आधिकारिक उद्देश्यों के लिए इसके दायरे में लाया गया है।
मंत्रालय ने एक प्रेस वक्तव्य भी जारी किया जिसमें कहा गया कि वर्तमान में आईआरसीटीसी वेबसाइट पर 13 करोड़ से अधिक सक्रिय ग्राहक हैं, जिनमें से केवल 1.2 करोड़ ही आधार-सत्यापित हैं। इसमें कहा गया है, आईआरसीटीसी ने उन सभी खातों के लिए विशेष सत्यापन करने का निर्णय लिया है जो आधार से प्रमाणित नहीं हैं। संदिग्ध पाए जाने वाले खातों को बंद कर दिया जाएगा। रेलवे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक यात्रियों को सभी प्रकार के तत्काल टिकट मिलें। बयान के मुताबिक, जो खाताधारक अपने खातों को आधार से जोड़ेंगे, उन्हें तत्काल टिकट बिक्री के पहले 10 मिनट के दौरान प्राथमिकता बुकिंग मिलेगी। यहां तक कि आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंटों को भी तत्काल खिड़की खुलने के पहले 10 मिनट के भीतर टिकट बुक करने की अनुमति नहीं है। इसलिए, अपने आईआरसीटीसी खाते को आधार के माध्यम से सत्यापित करना आवश्यक हो गया है। मंत्रालय ने कहा कि रेलवे कुछ नियमों को और अधिक कठोर बनाकर तत्काल टिकट प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने की योजना बना रहा है, जैसे केवल आधार-सत्यापित खातों को ही ऑनलाइन तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति देना, और बुकिंग के लिए आधार-आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण भी करना। सूत्रों ने बताया कि कदाचार पर नियंत्रण के लिए काउंटर आधारित तत्काल टिकट भी आधार सत्यापन के बाद बुक किए जा सकते हैं। गजट अधिसूचना के अनुसार, आधार सत्यापन की प्रक्रिया स्वैच्छिक है और यात्री को इसके लिए अपनी सहमति देनी होगी।
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