मलप्पुरम। कांग्रेस नीत विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने कड़े मुकाबले वाले उपचुनाव में सोमवार को नीलांबुर विधानसभा क्षेत्र को सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के हाथों से 11,077 मतों के अंतर से छीन लिया। इसे अगले साल केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ एलडीएफ के लिए करारा झटका माना जाना जा रहा है। कांग्रेस के आर्यदान शौकत ने नीलांबुर निर्वाचन क्षेत्र में माकपा के प्रदेश सचिवालय सदस्य एम स्वराज को एक बड़े अंतर से हराया। यह जीत सप्ताह भर चले जोशीले प्रचार अभियान और प्रतिद्वंद्वियों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद मिली। यह मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले एलडीएफ के लिए पिनराई विजयन सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान चौथा उपचुनाव झटका है। एलडीएफ इससे पहले पुथुपल्ली, पलक्कड़ और थ्रिक्काकारा विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हार चुका है।
सत्तारूढ़ माकपा ने कहा कि वह जनादेश को स्वीकार करती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पहली बार एलडीएफ ने अपनी मौजूदा सीट अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के हाथों गंवाई है। नीलांबुर सीट एलडीएफ समर्थित निर्दलीय और दो बार के विधायक पी वी अनवर के इस्तीफा देने के बाद खाली हो गई थी, जिससे इस विधानसभा क्षेत्र में गरमागरम राजनीतिक मुकाबला शुरू हो गया था। इस उपचुनाव ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया क्योंकि इसे पिनराई विजयन सरकार के लिए सेमीफाइनल के रूप में देखा गया। यह सरकार के कार्यकाल का चौथा वर्ष है।
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कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ के लिए यहां की जीत अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मनोबल बढ़ाने वाली होगी। नीलांबुर विधानसभा क्षेत्र में 19 जून को हुए उपचुनाव में डाले गए कुल 1,75,989 वोट में से दिवंगत कांग्रेसी नेता आर्यदान मोहम्मद के बेटे शौकत को 77,737 वोट मिले हैं। निर्वाचन आयोग ने यह जानकारी दी। उसके अनुसार, शौकत को कुल डाले गए वोटों का 44.17 प्रतिशत हिस्सा मिला। निर्वाचन आयोग ने बताया कि स्वराज को 66,660 वोटों से संतोष करना पड़ा, जो कुल मतों का 37.88 प्रतिशत था। यूडीएफ और एलडीएफ दोनों को आश्चर्यचकित करते हुए, निर्दलीय उम्मीदवार अनवर ने उपचुनाव में बढ़िया प्रदर्शन किया। अनवर को 19,760 वोट (11.23 प्रतिशत) मिले। वह अब तृणमूल कांग्रेस के राज्य संयोजक हैं। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के उम्मीदवार मोहन जॉर्ज 8,648 वोट (4.91 प्रतिशत) के साथ काफी पीछे रहे, जिससे अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन क्षेत्र में इस दल की पैठ बनाने की उम्मीदों को झटका लगा है। शौकत ने कहा, यह नीलांबुर के लोगों की जीत है... केरल के सभी लोगों की जीत है। एलडीएफ शासन के प्रति लोगों की अवमानना और विरोध वोटों में बदल गया है। शौकत को स्वराज ने बधाई दी। हालांकि स्वराज ने सत्ताविरोधी लहर से इनकार किया।
विधानसभा में विपक्ष के नेता (कांग्रेस) वी डी सतीशन ने फेसबुक पोस्ट में कहा, .. यह यूडीएफ है - एक संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा जो एक पार्टी की तरह काम करता है। 2026 में यूडीएफ तूफान की तरह (सत्ता में) वापस आएगा। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने शौकत की जीत को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कुशासन के खिलाफ जनता का फैसला करार दिया। चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए माकपा के प्रदेश सचिव एम वी गोविंदन ने कहा कि मार्क्सवादी पार्टी नीलांबुर में जनता के फैसले को स्वीकार करती है। उन्होंने कहा, हम अपनी चुनावी हार की समीक्षा करेंगे और अपनी गलतियों को सुधार कर आगे बढ़ेंगे।
