ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शनिवार को कहा कि एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मैमेनसिंह शहर में बृहस्पतिवार को कथित ईशनिंदा को लेकर भीड़ ने दीपू चंद्र दास (25) की पीटकर हत्या कर दी थी और शव को आग लगा दी थी। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने एक्स पर लिखा कि रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने मामले में संदिग्ध के तौर पर 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने कहा कि आरएबी और पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग जगहों पर अभियान चलाया। विभिन्न स्थानों पर अभियानों के दौरान गिरफ्तारियां की गईं और गिरफ्तार लोगों की उम्र 19 से 46 साल के बीच है। पुलिस के अनुसार, मजदूरी करने वाले दास को पहले भीड़ ने ईशनिंदा के आरोपों में फैक्टरी के बाहर पीटा और फिर पेड़ से टांग दिया। पुलिस ने कहा कि इसके बाद भीड़ ने मृतक के शव को ढाका-मैमेनसिंह राजमार्ग के किनारे छोड़ दिया और बाद में उसमें आग लगा दी।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद किया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मैमेनसिंह मेडिकल कॉलेज के शवगृह में भेज दिया। अंतरिम सरकार ने हत्या की शुक्रवार को निंदा की और कहा कि नए बांगलादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। सरकार ने कहा, इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। बांग्लादेश में पिछले साल अगस्त में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ सिलसिलेवार घटनाएं हुई हैं।
