नई दिल्ली। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को दावा किया कि कुछ लोग वीबी-जी राम जी अधिनियम को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। चौहान ने इसके साथ ही गांव स्तर पर नई ग्रामीण रोजगार योजना के बारे में सही जानकारी प्रसारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मध्य प्रदेश के भोपाल में विभिन्न राज्यों के रोजगार सहायकों के साथ बैठक के बाद, उन्होंने मनरेगा की जगह लेने वाले विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम को ऐतिहासिक बताया। केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा, कुछ लोग इस योजना को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई को समझना और यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सही जानकारी हर गांव तक पहुंचे। चौहान ने बताया कि नई ग्रामीण रोजगार योजना के तहत प्रशासनिक व्यय को पहले के छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत कर दिया गया है।उन्होंने कहा, इसका सीधा लाभ यह होगा कि।,51,282 करोड़ रुपए के कुल प्रस्तावित बजट में से 13,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि कर्मचारियों के वेतन और प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए आवंटित की जाएगी। मंत्री ने कहा कि यह राशि कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए पर्याप्त होगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशासनिक व्यय में कोई फिजूलखर्ची ना हो। उन्होंने कहा कि वाहनों या अनावश्यक वस्तुओं पर होने वाले खर्च को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
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