नई दिल्ली । बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति की पीटकर हत्या किए जाने के खिलाफ मंगलवार को यहां भगवा झंडे लिए और नारे लगाते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) एवं बजरंग दल के सैकड़ों समर्थकों ने कड़ी सुरक्षा से लैस बांग्लादेश उच्चायोग के पास अवरोधक हटा दिए, जिसके बाद उनकी पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार, जब पुलिस भीड़ को काबू करने की कोशिश कर रही थी तो उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों को हटाकर इधर-उधर कर दिया।
कम से कम 40 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, हालात पर काबू पा लिया गया। एहतियात के तौर पर करीब 40 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा घोषित प्रदर्शन से पहले सुबह उच्च सुरक्षा वाले इस इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई थी। इलाके में सात स्तर पर अवरोधक लगाए गए तथा पुलिस एवं अर्धसैनिक बल की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया।
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इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन से पहले।,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को उच्चायोग से लगभग 800 मीटर की दूरी पर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों को उच्चायोग तक पहुंचने से रोकने के लिए डीटीसी की बसों को अवरोध के तौर पर लगाया गया था।इस दौरान प्रदर्शनकारी बैनर और तख्तियां लहरा रहे थे जिन पर बांग्लादेश सरकार के खिलाफ निंदा भरे संदेश लिखे थे। इनमें से एक तख्ती पर लिखा था, हिंदू रक्त की एक-एक बूंद का हिसाब चाहिए। बांग्लादेश में 18 दिसंबर को कपड़ा फैक्टरी के श्रमिक दीपू चंद्र दास (25) को मैमनसिंह के बालुका में ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीटकर मार डाला और उसके शव को आग लगा दी।
