गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शनिवार को जयराम रमेश और पवन खेड़ा जैसे कांग्रेस नेताओं पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से पाकिस्तान को राहत पैकेज दिए जाने के मामले पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। भारत ने आईएमएफ की ओर से पाकिस्तान को 2.3 अरब डॉलर का नया ऋण देने के प्रस्ताव का विरोध किया था।
भारत ने कहा कि इस धन का इस्तेमाल राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के लिए किया जा सकता है। शर्मा ने एक्स पर लिखा, दुष्प्रचार का पर्दाफाश: जयराम रमेश और पवन खेड़ा जैसे कांग्रेस नेता बेतहाशा दुष्प्रचार में लिप्त हैं, तथ्यों को तोड़-मरोड़ रहे हैं और पाकिस्तान को हाल ही में आईएमएफ की ओर से दिए गए राहत पैकेज के बारे में भारत के रुख को लेकर देश को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सच्चाई सामने आनी चाहिए कि आईएमएफ में वोटिंग के समय न का विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा, तथ्य यह है कि आईएमएफ में वोटिंग के दौरान न के विकल्प की कोई व्यवस्था नहीं होती।
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असहमति दर्ज करने का एकमात्र वैध तरीका मतदान से दूर रहना है, और भारत ने ऐसा किया। रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि कांग्रेस ने 29 अप्रैल को मांग की थी कि भारत पाकिस्तान को आईएमएफ की ओर से ऋण दिए जाने के खिलाफ मतदान करे। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने पाकिस्तान को ऋण देने पर विचार किया, लेकिन भारत मतदान से दूर रहा। रमेश ने कहा, मोदी सरकार पीछे हट गई। वहां नहीं के पक्ष में वोट देने से कड़ा संदेश जाता। आईएमएफ ने शुक्रवार को आयोजित अपनी बोर्ड बैठक में सात अरब अमेरिकी डॉलर के विस्तारित फंड सुविधा (ईएफएफ) ऋण कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान के लिए एक अरब अमेरिकी डॉलर की किश्त को मंजूरी दे दी।
